मंत्रिमंडल में तीन सीट खाली, 46 विधायक दावेदार- Devbhoomi News
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जल्द अपनी टीम में नए सदस्यों को शामिल करने की तैयारी में हैं। मंत्रिमंडल में तीन सीट खाली हैं, लेकिन दावेदार हैं 46 विधायक। इनमें पांच विधायक ऐसे हैं, जो पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा ऐसे विधायक भी अपना नंबर लगने का इंतजार कर रहे हैं, जो दो या इससे ज्यादा बार विधानसभा पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के मुताबिक आलाकमान से हरी झंडी लेने के बाद वह नए सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल करेंगे। उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा में संवैधानिक प्रविधान के मुताबिक अधिकतम 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। 18 मार्च 2017 को जब त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में मंत्रिमंडल वजूद में आया, तब 10 विधायक इसका हिस्सा बने। यानी, पहले ही दिन से मंत्रिमंडल में दो सीट खाली रखी गईं। पिछले साल जून में मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य प्रकाश पंत का असामयिक निधन हो गया। इससे मंत्रिमंडल में एक और सीट रिक्त हो गई। इसके बाद से कई बार नए मंत्रियों को शपथ दिलाने की चर्चा सियासी गलियारों में चली, मगर ऐसा हुआ नहीं। इसी फरवरी में त्रिवेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा के बाद हरी झंडी ले ली थी। उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 57 विधायक हैं। इनमें से पांच विधायक पहले मंत्री रह चुके हैं। इनके अलावा लगभग 15 विधायक ऐसे हैं, जो दो या इससे ज्यादा बार चुनाव जीत चुके हैं। 57 में से नौ विधायक मंत्रिमंडल में हैं। एक विधानसभा अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष हैं। यानी 11 विधायक एडजस्ट हैं, 46 मंत्री पद के दावेदार हैं। सरकार 92 भाजपा नेताओं को दायित्व सौंप चुकी है। इनमें से 58 को विभिन्न निगमों, परिषदों, आयोगों में अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद दिया गया है, जिन्हें मंत्री पद का दर्जा हासिल है। इनमें एक भी विधायक शामिल नहीं है। अब हर विधायक मंत्री पद का तलबगार है। खाली सीट तीन और दावेदार हैं 46 विधायक।
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