तो आम से खास तक नही कर रहे नियमों का पालन- Devbhoomi News
अब तक कई नेता आ चुके कोरोना की चपेट में
देहरादून। भारत वो देश है जहां वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में 23 लाख से अधिक लोग आ चुके हैं। 23 लाख कोई छोटी मोटी संख्या नही है। इतनी संख्या में तो एक नया देश बसाया जा सकता है। यह तो वह लोग हैं जो कोरोना की चपेट में आए हुए हैं इस बीमारी से मरने वालो की संख्या 50 हजार के पार पहुंच चुकी है। बात एक दो मरीज की नही हैं यहां तो बात हो रही है लाखों मरीजो की। भारत में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। केंद्र हो या राज्य कोई भी इस पर लगाम कसने मे सफल होता हुआ दिखायी नही दे रहा। रूस से लेकर अमेरिका तक वैक्सीन तैयार करने की बात कही जा रही है लेकिन न जाने कहां वैक्सीन बन रही है और किन पर वैक्सीन का प्रयोग हो चुका है सब बाते हवा मे हो रही है। लोग वैश्विक महामारी की चपेट मे आ रहे हैं। नेता अपने दावो वायदो मे लगे हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से घोषणा कर चुके हैं कि भारत में एक नही दो नही बल्कि तीन-तीन वैक्सीन पर प्रयोग चल रहा है। जल्द ही वैक्सीन तैयार हो जायेगी। दवा को इजाद करने में अनेको वैज्ञानिक दिन रात काम कर रहे हैं। वैज्ञानिको की यह मेहनत किस दिन सफल होगी यह तो देखने वाली बात है लेकिन इतना जरूर है कि केंद्र सरकार के द्वारा जो गाईड लाईन कोरोना से बचने के लिए जारी की गयी थी वह गाईड लाईन केवल टीवी में विज्ञापन के रूप में प्रसारित होने तक सीमित रह गयी। एक फिल्म स्टार जनता को घरो से काम पर जाने के लिए अपील करते हुए मुंह पर मास्क और दो गज की दूरी रखने की बात कह रहे हैं। फिल्म स्टार की अपील और टीवी पर जारी होने वाला यह विज्ञापन भी आम जन के साथ खास लोगो को जागरूक नही कर पा रहा है। यह बात हवा में नही बल्कि धरातल पर कही जा रही है जब देश के नीति निर्माता ही अपने ही बनाए हुए नियमो को हवा में उडा रहे हैं तो आम आदमी की क्या कहे। उत्तराखण्ड की बात बाद में करते हैं, पहले केंद्र सरकार की बात करें तो यह देखने मे आया है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह, आयुष मंत्री श्रीपद नाइक तक कोरोना की चपेट में आए। श्रीपद नाइक पांचवे केंद्रीय मंत्री हैं जो कोरोना पॉजिटिव हुए। केवल केंद्र सरकार ही नही बल्कि कुछ राज्यो के मुखिया तक कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसका मतलब यह बात साफ है कि खास लोग भी न ही मास्क लगा रहे हैं और न ही दो गज की दूरी का पालन कर रहे है इतना ही नही अब तो यह भी संदेह होने लगा है कि इन खास लोगो के मोबाइल में सेतु एप डाउनलोड है भी या नही। यदि खास के मोबाइल में सेतु एप डाउनलोड है तो वह कोरोना की चपेट मे कैसे आ रहे है, क्या उन्हे सेतु एप सतर्क नही कर रहे हैं? अभी तक अनेको नेता कोरोना की चपेट में आए हुए हैं। अब तक किन-किन नेताओ को कोरोना वायरस हुआ है इस पर गौर करें तो इन नेताओं में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया उनकी मां माधवी राजे सिंधिया, उत्तराखण्ड राज्य के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत, बेटा सुयश रावत, बहु मोहिनी रावत, पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड, पूर्व मंत्री दिनेश धनै के साथ कांग्रेस नेता संजय झा शामिल है। अप्रैल महिने में तो अहमदाबाद नगर निगम में कांग्रेस के पार्षद बदरूद्दीन शेख की कोरोना से मौत हो गयी थी केवल यह ही नही बल्कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की एक महिला मंत्री की भी कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। कहने का आश्य केवल इतना है कि केंद्र सरकार अनलॉक-3 करे या फिर 4, कोरोना अपनी रफतार को तेजी से आगे बढा रहा है और हम अर्थव्यवस्था का हवाला देकर अनलॉक पर अनलॉक कर रहे हैं। यह नही मालूम की यह अनलॉक कईयो की जिंदगी को लॉक कर रहा है। जिंदगी आम आदमी की लॉक हो रही है तो सरकार पर इसका क्या असर। सरकार को तो केवल तिजोरी भरने से मतलब है। सरकार तो अपने खास को भी नियमो का पालन कराने में सफल नही हो पा रही। जब खास ही कोरोना से बचने के लिए नियमो का पालन नही कर रहे तो आम आदमी का दो गज की दूरी और मुंह पर मास्क जरूरी कैसे हो पायेगा?
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